आज दिलो - दिमाग सिर्फ इस कश्मकश में हैं की क्या लिखूँ। जबकि लिखना मेरी चाहत है और दिमागी जरुरत भी। क्योकि मैंने सुना की हमेशा इस सच के साथ जियो की तुम कल ही मरने वाले हो/ और तुम्हारे पास सिर्फ आज का ही दिन ह कर लो जो तुम करना हो। मैं सिर्फ लिखना चाहती हूँ। सिर्फ अपने लिये… अब सपनो को पंख देना चाहती हुँ। सिर्फ अपने लिये…
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